मध्य प्रदेश सरकार के स्कूल शिक्षा विभाग ने कक्षा 9वीं और 10वीं के छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। Best Of Five Yojana जो पहले बंद कर दी गई थी, अब इसे दोबारा लागू करने का फैसला लिया गया है। इस योजना का लाभ 2025-26 सत्र तक छात्रों को मिलेगा। लेकिन सरकार ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि आने वाले वर्षों में इसे चरणबद्ध तरीके से समाप्त कर दिया जाएगा।
इस आर्टिकल में हम जानेंगे कि MP Board Best Of Five Yojana 2025-26 क्या है, इसका लाभ किन छात्रों को मिलेगा, यह कितने समय तक लागू रहेगी, और इसे समाप्त करने के पीछे की वजह क्या है।
Table of Contents
MP Board Best Of Five Yojana क्या है?
एमपी बोर्ड बेस्ट ऑफ फाइव योजना एक ऐसी परीक्षा प्रणाली है जिसमें कक्षा 9वीं और 10वीं के छात्रों के 6 विषयों में से केवल 5 सर्वश्रेष्ठ अंकों वाले विषय को अंतिम परिणाम में शामिल किया जाता है।
- यदि कोई छात्र किसी एक विषय में फेल हो जाता है, तो भी उसे पास मानकर अगले कक्षा में प्रमोट किया जाता है।
- यह योजना उन छात्रों के लिए राहत है जो किसी एक विषय में कमजोर होते हैं, लेकिन बाकी विषयों में अच्छा प्रदर्शन करते हैं।
- इसका उद्देश्य छात्रों पर परीक्षा का दबाव कम करना और उनका आत्मविश्वास बढ़ाना है।
MP Board Best Of Five Yojana का इतिहास
- पहले लागू: यह योजना कई सालों से मध्य प्रदेश के स्कूलों में लागू थी।
- अप्रैल 2024 में बंद: शिक्षा विभाग ने 2024-25 सत्र में इस योजना को बंद कर दिया था।
- बंद करने का कारण:
- छात्र गणित और विज्ञान जैसे कठिन विषयों को गंभीरता से नहीं ले रहे थे।
- इन विषयों में छात्रों का प्रदर्शन लगातार गिर रहा था।
- 11वीं और 12वीं में कमजोर आधार के कारण उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।
- दिसंबर 2024 में फिर लागू: छात्रों और अभिभावकों की मांग पर इसे दोबारा लागू कर दिया गया।
MP Board Best Of Five Yojana 2025-26: नया आदेश
शिक्षा विभाग ने 23 दिसंबर 2024 को आदेश जारी करते हुए बेस्ट ऑफ फाइव योजना को दोबारा लागू करने का निर्णय लिया।
- योजना अब दो साल के लिए बढ़ाई गई है।
- यह सत्र 2027 तक प्रभावी रहेगी।
- इसके बाद कक्षा 9वीं और 10वीं दोनों में इसे समाप्त कर दिया जाएगा।
कक्षा 9वीं के लिए MP Board Best Of Five Yojana 2025-26
बिंदु | विवरण |
---|---|
लागू अवधि | सत्र 2024-25 और 2025-26 |
समाप्ति | सत्र 2026-27 से समाप्त |
प्रावधान | 6 विषयों में से 5 सर्वश्रेष्ठ विषयों के आधार पर परिणाम तैयार |
विशेष विकल्प | गणित और अंग्रेजी में “बेसिक” और “स्टैंडर्ड” स्तर चुनने की सुविधा |
लाभ | कमजोर छात्रों को प्रमोट करने में आसानी, तनाव कम |
कक्षा 10वीं के लिए MP Board Best Of Five Yojana 2025-26
बिंदु | विवरण |
---|---|
लागू अवधि | सत्र 2025-26 और 2026-27 |
समाप्ति | सत्र 2027-28 से समाप्त |
प्रावधान | 6 विषयों में से 5 सर्वश्रेष्ठ विषयों के आधार पर परिणाम तैयार |
लाभ | यदि एक विषय में फेल, तो भी पास माना जाएगा |
इस साल (2025-26) MP Board Best Of Five Yojana लागू है या नहीं?
- कक्षा 9वीं: हाँ, सत्र 2024-25 और 2025-26 दोनों में लागू है।
- कक्षा 10वीं: हाँ, सत्र 2025-26 से लागू होगी और 2026-27 तक जारी रहेगी।
- भविष्य: 2027-28 से यह योजना पूरी तरह समाप्त कर दी जाएगी।
MP Board Best Of Five Yojana की महत्वपूर्ण तिथियां
घटनाक्रम | तिथि/सत्र | विवरण |
---|---|---|
योजना पुनः लागू | 23 दिसंबर 2024 | शिक्षा विभाग ने आदेश जारी किया |
कक्षा 9वीं में लागू | सत्र 2024-25 से 2025-26 | 5 सर्वश्रेष्ठ विषयों के आधार पर परिणाम |
कक्षा 10वीं में लागू | सत्र 2025-26 से 2026-27 | 5 सर्वश्रेष्ठ विषयों के आधार पर परिणाम |
योजना समाप्ति | सत्र 2027-28 | दोनों कक्षाओं में योजना बंद |
बेसिक व स्टैंडर्ड विकल्प | सत्र 2024-25 | गणित और अंग्रेजी में लागू |
MP Board Best Of Five Yojana के लाभ
- कम दबाव में पढ़ाई – छात्रों को सभी 6 विषयों में अच्छा प्रदर्शन करने का दबाव नहीं रहता।
- कमजोर छात्रों को राहत – एक विषय में कमजोर होने पर भी पास होने का मौका मिलता है।
- आत्मविश्वास बढ़ता है – छात्र अच्छे विषयों में बेहतर प्रदर्शन करके आत्मविश्वास हासिल करते हैं।
- ड्रॉपआउट दर कम होती है – फेल होने के डर से स्कूल छोड़ने वाले छात्रों की संख्या कम होती है।
- आगे बढ़ने का अवसर – एक विषय में फेल होने पर भी अगली कक्षा में प्रमोशन मिलता है।
MP Board Best Of Five Yojana की कमियां
- कठिन विषयों की उपेक्षा – छात्र गणित और विज्ञान जैसे विषयों में कम ध्यान दे सकते हैं।
- भविष्य की तैयारी में कमी – 11वीं और 12वीं में कठिन विषयों को समझने में समस्या हो सकती है।
- प्रतिस्पर्धा में गिरावट – छात्रों में सभी विषयों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने की प्रवृत्ति कम हो सकती है।
- असंतुलित शिक्षा प्रणाली – शिक्षा का उद्देश्य सभी विषयों में समान ज्ञान देना है, जो प्रभावित हो सकता है।
क्यों हो रही है योजना समाप्त करने की तैयारी?
- शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह योजना छात्रों को कठिन विषयों से बचने का आसान रास्ता देती है।
- सरकार चाहती है कि छात्र सभी विषयों को गंभीरता से पढ़ें।
- 11वीं-12वीं में अच्छे प्रदर्शन के लिए मजबूत आधार जरूरी है।
- भविष्य में प्रतियोगी परीक्षाओं में भी सभी विषयों का ज्ञान आवश्यक होता है।
छात्रों और अभिभावकों की प्रतिक्रिया
- अभिभावकों की राय: ज़्यादातर अभिभावक इस योजना को राहतभरी मानते हैं, खासकर गणित और अंग्रेजी में कमजोर छात्रों के लिए।
- छात्रों की राय: छात्रों को लगता है कि इससे तनाव कम होता है और वे अपने पसंदीदा विषयों में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।
- शिक्षकों की राय: कुछ शिक्षक मानते हैं कि यह योजना शुरुआती कक्षाओं में सहायक हो सकती है, लेकिन उच्च कक्षाओं के लिए नहीं।
भविष्य में छात्रों को क्या करना चाहिए?
- सभी विषयों पर बराबर ध्यान दें – केवल 5 विषयों पर निर्भर न रहें।
- गणित और विज्ञान की तैयारी मजबूत करें – आगे की पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए जरूरी।
- बेसिक और स्टैंडर्ड विकल्प सोच-समझकर चुनें – अपनी क्षमता के अनुसार सही स्तर चुनें।
- समय प्रबंधन सीखें – सभी विषयों के लिए संतुलित समय दें।
- आत्म-अध्ययन की आदत डालें – केवल स्कूल पर निर्भर न रहें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
Q1. एमपी बोर्ड बेस्ट ऑफ फाइव योजना 2025-26 क्या है?
उत्तर: यह एक परीक्षा प्रणाली है जिसमें कक्षा 9वीं और 10वीं के छात्रों के 6 विषयों में से केवल 5 विषयों के सर्वश्रेष्ठ अंकों के आधार पर परिणाम तैयार किया जाता है। यदि किसी छात्र का एक विषय में प्रदर्शन कमजोर है या वह फेल हो जाता है, तो भी उसे पास माना जाता है।
Q2. क्या 2025-26 में बेस्ट ऑफ फाइव योजना लागू है?
उत्तर: हाँ, कक्षा 9वीं में यह योजना सत्र 2024-25 और 2025-26 में लागू है। कक्षा 10वीं में यह योजना सत्र 2025-26 और 2026-27 तक लागू रहेगी।
Q3. बेस्ट ऑफ फाइव योजना कब समाप्त होगी?
उत्तर: कक्षा 9वीं के लिए यह योजना सत्र 2026-27 से समाप्त होगी, जबकि कक्षा 10वीं के लिए यह योजना सत्र 2027-28 से समाप्त कर दी जाएगी।
Q4. बेस्ट ऑफ फाइव योजना का फायदा किन छात्रों को मिलता है?
उत्तर: इसका फायदा उन छात्रों को मिलता है जो किसी एक विषय में कमजोर होते हैं, लेकिन बाकी विषयों में अच्छा प्रदर्शन करते हैं। ऐसे छात्रों को पास होने में आसानी होती है और उनका साल खराब नहीं होता।
Q5. क्या बेस्ट ऑफ फाइव योजना से सभी विषयों में मेहनत करने की जरूरत नहीं रहती?
उत्तर: यह सही नहीं है। हालांकि यह योजना एक विषय में कमजोर छात्रों के लिए राहत देती है, लेकिन भविष्य में बेहतर प्रदर्शन के लिए सभी विषयों में मेहनत करना जरूरी है।
Q6. गणित और अंग्रेजी में “बेसिक” और “स्टैंडर्ड” विकल्प क्या हैं?
उत्तर: इन दोनों विषयों में छात्रों को अपनी क्षमता के अनुसार आसान स्तर (बेसिक) या कठिन स्तर (स्टैंडर्ड) चुनने की सुविधा दी जाती है। यह विकल्प 2024-25 से लागू हुआ है।
Q7. इस योजना को दोबारा क्यों लागू किया गया?
उत्तर: छात्रों और अभिभावकों की मांग पर, साथ ही कमजोर छात्रों को पढ़ाई में आगे बढ़ने का मौका देने के लिए यह योजना दिसंबर 2024 में दोबारा लागू की गई।
Q8. क्या बेस्ट ऑफ फाइव योजना के कारण गणित और विज्ञान जैसे विषयों का महत्व कम हो जाएगा?
उत्तर: हाँ, यह एक चिंता का विषय है। इसी वजह से सरकार भविष्य में इसे समाप्त करने का निर्णय ले रही है ताकि छात्र सभी विषयों पर बराबर ध्यान दें।
निष्कर्ष
MP Board Best Of Five Yojana 2025-26 फिलहाल छात्रों के लिए एक बड़ी राहत है। यह उन छात्रों को मदद करती है जो एक विषय में कमजोर होते हैं, लेकिन बाकी विषयों में अच्छा प्रदर्शन करते हैं। हालांकि, सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि यह सुविधा अस्थायी है और आने वाले वर्षों में इसे समाप्त कर दिया जाएगा।
इसलिए, छात्रों को चाहिए कि वे अभी से सभी विषयों पर बराबर मेहनत करें ताकि योजना समाप्त होने के बाद भी उनका प्रदर्शन प्रभावित न हो। अभिभावकों को भी बच्चों को केवल अच्छे अंकों के बजाय सभी विषयों में ज्ञान बढ़ाने के लिए प्रेरित करना चाहिए।
यह भी पढ़ें: Annadata Sukhibhava Scheme 2025