स्वास्थ्य किसी भी देश की प्रगति की नींव है, और जब बात बच्चों के स्वास्थ्य की आती है, तो यह और भी अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है। स्वस्थ बच्चे ही भविष्य में एक सशक्त समाज और समृद्ध राष्ट्र का निर्माण करते हैं। इस सोच को ध्यान में रखते हुए पश्चिम बंगाल सरकार ने “शिशु साथी योजना (Sishu Sathi Yojana)” की शुरुआत की। यह योजना राज्य के गरीब और जरूरतमंद परिवारों के बच्चों को मुफ्त चिकित्सा और सर्जरी की सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू की गई थी।
इस West Bengal Sishu Sathi Yojana का प्रमुख लक्ष्य उन परिवारों के बच्चों को जीवन का अवसर देना है जो गंभीर बीमारियों के इलाज के खर्च को वहन नहीं कर सकते। यह पहल राज्य सरकार की बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति प्रतिबद्धता और संवेदनशीलता का प्रमाण है।
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2. West Bengal Sishu Sathi Yojana क्या है?
“West Bengal Sishu Sathi Yojana” सरकार की एक स्वास्थ्य कल्याण योजना है, जिसके तहत 0 से 18 वर्ष तक के बच्चों को गंभीर बीमारियों के उपचार की सुविधा पूरी तरह मुफ्त दी जाती है। इस योजना के अंतर्गत मुख्य रूप से हृदय रोग, किडनी रोग, न्यूरोसर्जरी और अन्य गंभीर बीमारियों का इलाज किया जाता है।
इस योजना का संचालन पश्चिम बंगाल स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग (Department of Health & Family Welfare, Government of West Bengal) द्वारा किया जाता है। इलाज की पूरी लागत राज्य सरकार वहन करती है, जिससे गरीब परिवारों को आर्थिक बोझ से मुक्ति मिलती है।
3. West Bengal Sishu Sathi Yojana की शुरुआत और इतिहास
“शिशु साथी योजना” की शुरुआत पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व में की गई थी। इस योजना की घोषणा वर्ष 2013 में की गई थी। मुख्यमंत्री ने महसूस किया कि राज्य में कई बच्चे ऐसे हैं जो जन्मजात हृदय रोग या अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित हैं, लेकिन आर्थिक अभाव के कारण उनका उपचार नहीं हो पा रहा।
इसी समस्या के समाधान के लिए “शिशु साथी योजना” शुरू की गई, जिससे गरीब बच्चों को मुफ्त सर्जरी और इलाज का लाभ मिल सके। धीरे-धीरे इस योजना का दायरा बढ़ाया गया और इसमें विभिन्न सरकारी एवं निजी अस्पतालों को जोड़ा गया।
4. West Bengal Sishu Sathi Yojana के उद्देश्य (Objectives of Sishu Sathi Yojana)
इस योजना का मुख्य उद्देश्य बच्चों के स्वास्थ्य की सुरक्षा करना और गंभीर बीमारियों से पीड़ित बच्चों को जीवन का अवसर देना है। प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित हैं –
- आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को मुफ्त इलाज उपलब्ध कराना।
- राज्य में बाल मृत्यु दर को कम करना।
- बच्चों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुँचाना।
- सरकारी और निजी दोनों अस्पतालों को जोड़कर उपचार में तेजी लाना।
- ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार करना।
5. West Bengal Sishu Sathi Yojana की प्रमुख विशेषताएँ (Key Features)
- 0 से 18 वर्ष तक के बच्चों को योजना का लाभ मिलता है।
- सभी उपचार पूरी तरह निःशुल्क हैं।
- हृदय, किडनी, न्यूरो और अन्य गंभीर बीमारियों का इलाज शामिल है।
- राज्य सरकार इलाज की संपूर्ण लागत वहन करती है।
- सरकारी व चयनित निजी अस्पतालों में सर्जरी की सुविधा।
- मरीजों की ट्रैकिंग और पारदर्शिता हेतु डिजिटल प्रणाली का उपयोग।
- राज्य के प्रत्येक जिले से मरीजों को लाभ मिल रहा है।
6. पात्रता (Eligibility Criteria)
इस योजना के लिए पात्रता शर्तें बहुत सरल रखी गई हैं, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद परिवार लाभ उठा सकें:
- आवेदक बच्चा पश्चिम बंगाल राज्य का निवासी होना चाहिए।
- बच्चे की आयु 18 वर्ष से कम होनी चाहिए।
- परिवार आर्थिक रूप से कमजोर होना चाहिए।
- बच्चे को गंभीर बीमारी जैसे हृदय रोग, किडनी फेल्योर, न्यूरो रोग आदि होना चाहिए।
- डॉक्टर द्वारा उपचार या सर्जरी की सिफारिश होनी चाहिए।
7. आवश्यक दस्तावेज़ (Required Documents)
| क्रमांक | दस्तावेज़ का नाम | उद्देश्य |
| 1 | बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र | आयु सत्यापन हेतु |
| 2 | निवास प्रमाण पत्र | राज्य निवासी प्रमाण हेतु |
| 3 | आधार कार्ड / राशन कार्ड | पहचान और आर्थिक स्थिति का प्रमाण |
| 4 | डॉक्टर की रिपोर्ट | बीमारी और सर्जरी की सिफारिश हेतु |
| 5 | पासपोर्ट साइज फोटो | आवेदन प्रक्रिया हेतु |
| 6 | अस्पताल रेफरल पत्र | इलाज के लिए पात्रता प्रमाण हेतु |
8. आवेदन प्रक्रिया (Application Process)
🔹 ऑफलाइन आवेदन प्रक्रिया:
- आवेदक को जिला या ब्लॉक स्तर के सरकारी अस्पताल में संपर्क करना होता है।
- डॉक्टर द्वारा बच्चे की जांच की जाती है।
- यदि गंभीर बीमारी की पुष्टि होती है, तो अस्पताल से रेफरल पत्र दिया जाता है।
- आवश्यक दस्तावेज़ जमा कर आवेदन किया जाता है।
- पंजीकरण के बाद बच्चे को इलाज हेतु सूचीबद्ध अस्पताल में भेजा जाता है।
🔹 ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया (यदि उपलब्ध हो):
- आधिकारिक वेबसाइट https://www.wbhealth.gov.in पर जाएँ।
- “Sishu Sathi” सेक्शन में आवेदन लिंक पर क्लिक करें।
- आवेदन फॉर्म भरें और आवश्यक दस्तावेज़ अपलोड करें।
- आवेदन जमा करने के बाद पंजीकरण नंबर प्राप्त करें।
- पंजीकरण नंबर के माध्यम से आवेदन की स्थिति ट्रैक करें।
9. West Bengal Sishu Sathi Yojana से मिलने वाले लाभ (Benefits of the Scheme)
- मुफ्त सर्जरी और इलाज की सुविधा।
- गरीब परिवारों पर आर्थिक बोझ में कमी।
- बाल मृत्यु दर में कमी।
- बच्चों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच।
- ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरूकता में वृद्धि।
- निजी अस्पतालों के सहयोग से तेज और बेहतर उपचार की सुविधा।
10. West Bengal Sishu Sathi Yojana से जुड़े अस्पताल (Empanelled Hospitals)
राज्य सरकार ने इस योजना के अंतर्गत कई सरकारी और निजी अस्पतालों को जोड़ा है। इनमें से कुछ प्रमुख अस्पताल हैं:
- एस.एस.के.एम. हॉस्पिटल, कोलकाता
- आर.जी. कर मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल
- नीलरतन सरकार मेडिकल कॉलेज
- मेडिका सुपरस्पेशियलिटी हॉस्पिटल
- अपोलो ग्लेनीगल्स हॉस्पिटल
- फोर्टिस हॉस्पिटल, कोलकाता
- वीआरएस हॉस्पिटल, दुर्गापुर
ये अस्पताल बच्चों के हृदय, किडनी और न्यूरो सर्जरी जैसे जटिल ऑपरेशनों को मुफ्त में अंजाम देते हैं।
11. West Bengal Sishu Sathi Yojana का क्रियान्वयन और निगरानी (Implementation & Monitoring)
“शिशु साथी योजना” का क्रियान्वयन पश्चिम बंगाल के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अधीन किया जाता है।
- योजना की निगरानी के लिए एक विशेषीकृत सेल (Sishu Sathi Cell) बनाई गई है।
- इलाज करवाने वाले बच्चों की सभी जानकारी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दर्ज की जाती है।
- अस्पतालों द्वारा किए गए उपचार की रिपोर्ट सरकार को भेजी जाती है।
- राज्य स्तर पर एक मॉनिटरिंग कमेटी नियमित समीक्षा करती है।

12. West Bengal Sishu Sathi Yojana का प्रभाव (Impact of the Scheme)
शिशु साथी योजना ने राज्य में हजारों बच्चों के जीवन में नई रोशनी लाई है।
- अब तक 1 लाख से अधिक बच्चों को मुफ्त इलाज और सर्जरी का लाभ मिला है।
- गरीब परिवारों को अब इलाज के खर्च की चिंता नहीं करनी पड़ती।
- बाल मृत्यु दर में लगातार कमी दर्ज की गई है।
- ग्रामीण क्षेत्रों में भी स्वास्थ्य सेवाएँ पहुंची हैं।
- अस्पतालों में बच्चों के लिए विशेष वार्ड और सर्जरी यूनिट स्थापित की गई हैं।
13. चुनौतियाँ और सुधार के सुझाव (Challenges & Suggestions)
यद्यपि योजना ने कई सकारात्मक परिणाम दिए हैं, फिर भी कुछ चुनौतियाँ बनी हुई हैं:
मुख्य चुनौतियाँ:
- ग्रामीण इलाकों में जागरूकता की कमी।
- कुछ क्षेत्रों में अस्पतालों की सीमित संख्या।
- ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया में तकनीकी कठिनाइयाँ।
- इलाज के बाद पुनः जांच की सुविधा का अभाव।
सुधार के सुझाव:
- ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाया जाए।
- प्रत्येक जिले में कम से कम एक विशेषीकृत अस्पताल जोड़ा जाए।
- मोबाइल हेल्थ यूनिट के माध्यम से सेवाएँ दी जाएँ।
- ऑनलाइन हेल्पलाइन और ट्रैकिंग सिस्टम को और सशक्त बनाया जाए।
14. महत्वपूर्ण जानकारी तालिका (Important Facts Table)
| क्रमांक | विवरण | जानकारी |
| 1 | योजना का नाम | पश्चिम बंगाल शिशु साथी योजना |
| 2 | शुरू करने वाला विभाग | स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, पश्चिम बंगाल |
| 3 | लॉन्च वर्ष | 2013 |
| 4 | लाभार्थी | 0 से 18 वर्ष तक के बच्चे |
| 5 | मुख्य उद्देश्य | बच्चों को मुफ्त इलाज और सर्जरी की सुविधा देना |
| 6 | प्रमुख बीमारियाँ | हृदय, किडनी, न्यूरो आदि |
| 7 | आवेदन प्रक्रिया | ऑफलाइन/ऑनलाइन दोनों |
| 8 | आधिकारिक वेबसाइट | https://www.wbhealth.gov.in |
15. निष्कर्ष (Conclusion)
West Bengal Sishu Sathi Yojana न केवल एक सरकारी योजना है, बल्कि यह एक मानवीय पहल है जो बच्चों को नया जीवन देने का कार्य कर रही है। यह योजना उन परिवारों के लिए वरदान साबित हुई है जो गरीबी के कारण इलाज नहीं कर पाते थे।
राज्य सरकार की यह पहल यह साबित करती है कि जब शासन संवेदनशीलता और समर्पण के साथ काम करता है, तो समाज में बड़ा परिवर्तन संभव है। “शिशु साथी योजना” ने हजारों बच्चों को जीवनदान दिया है और लाखों परिवारों को उम्मीद की नई किरण दी है।
16. सामान्य प्रश्न (FAQ)
1. पश्चिम बंगाल शिशु साथी योजना क्या है?
यह राज्य सरकार की एक स्वास्थ्य योजना है, जिसके तहत 0 से 18 वर्ष तक के बच्चों को मुफ्त सर्जरी और इलाज की सुविधा दी जाती है।
2. योजना का लाभ किन बीमारियों के लिए दिया जाता है?
मुख्य रूप से हृदय रोग, किडनी रोग, न्यूरो सर्जरी और अन्य गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए।
3. क्या निजी अस्पतालों में भी इलाज होता है?
हाँ, राज्य सरकार ने कई निजी अस्पतालों को इस योजना में शामिल किया है जहाँ मुफ्त सर्जरी की सुविधा उपलब्ध है।
4. आवेदन कैसे किया जा सकता है?
आवेदन ऑफलाइन रूप से अस्पताल में या ऑनलाइन wbhealth.gov.in वेबसाइट के माध्यम से किया जा सकता है।
5. क्या इस योजना में सभी बच्चों को मुफ्त इलाज मिलता है?
हाँ, जो पात्रता शर्तें पूरी करते हैं और जिनकी उम्र 18 वर्ष से कम है, उन्हें पूरी तरह मुफ्त इलाज मिलता है।
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