हरियाणा सरकार ने राज्य की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना की शुरुआत की है। यह योजना महिलाओं को नियमित मासिक आय प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। योजना की शुरुआत 25 सितंबर 2025 से की गई है और इसके तहत पात्र महिलाओं को ₹2100 प्रति माह की वित्तीय सहायता डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से दी जाती है। हालांकि, योजना के लागू होने के बाद सरकार ने इसके नियमों में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। नए नोटिफिकेशन के तहत Haryana Lado Lakshmi Yojana Eligibility शर्तों को और सख्त किया गया है तथा भुगतान की संरचना (Payment Structure) को भी बदला गया है। इन बदलावों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि योजना का लाभ वास्तव में जरूरतमंद महिलाओं तक ही पहुंचे।
अगर आप इस Haryana Lado Lakshmi Yojana Eligibility के लिए आवेदन करने की योजना बना रही हैं, तो यह लेख आपके लिए बेहद जरूरी है। यहां हम आपको पात्रता, अपात्रता, बच्चों की शिक्षा व स्वास्थ्य से जुड़ी विशेष शर्तें, नए भुगतान नियम और सख्त नियमों के पीछे का कारण विस्तार से समझाएंगे।
Table of Contents
Haryana Lado Lakshmi Yojana का उद्देश्य
Haryana Lado Lakshmi Yojana का मुख्य उद्देश्य हरियाणा की महिलाओं को:
- आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना
- मासिक आय का स्थायी स्रोत देना
- महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना
- शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक विकास को बढ़ावा देना
- गरीब और मध्यम वर्ग की महिलाओं का जीवन स्तर सुधारना
यह योजना खास तौर पर उन महिलाओं को ध्यान में रखकर बनाई गई है, जिनकी पारिवारिक आय सीमित है और जिन्हें नियमित आर्थिक सहायता की आवश्यकता है।
योजना का संक्षिप्त विवरण
- योजना का नाम: दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना
- राज्य: हरियाणा
- शुरुआत की तारीख: 25 सितंबर 2025
- लाभ राशि: ₹2100 प्रति माह
- भुगतान का तरीका: DBT (सीधे बैंक खाते में)
- लाभार्थी: हरियाणा की पात्र महिलाएं
विषय सूची (Contents)
- लाडो लक्ष्मी योजना की पात्रता शर्तें
- बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी अतिरिक्त पात्रता
- कौन आवेदन नहीं कर सकता (अपात्रता शर्तें)
- लाडो लक्ष्मी योजना के महत्वपूर्ण नियम
- पात्रता नियम इतने सख्त क्यों हैं
Haryana Lado Lakshmi Yojana Eligibility शर्तें
इस योजना का लाभ उठाने के लिए महिला आवेदक को नीचे दी गई सभी शर्तों को पूरा करना अनिवार्य है:
1. आयु सीमा
- आवेदन करने वाली महिला की न्यूनतम आयु 23 वर्ष होनी चाहिए।
- अधिकतम आयु 60 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए।
- आयु की गणना आवेदन की तारीख के अनुसार की जाएगी।
2. पारिवारिक आय सीमा (सामान्य श्रेणी)
- महिला के परिवार की वार्षिक आय ₹1 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए।
- आय का सत्यापन फैमिली इंफॉर्मेशन डेटाबेस (FIDR) के माध्यम से किया जाएगा।
3. निवास संबंधी शर्त
- महिला का कम से कम 15 वर्षों से हरियाणा का निवासी होना अनिवार्य है।
- यदि महिला की शादी किसी अन्य राज्य से हरियाणा में हुई है, तो उसके पति को 15 वर्षों की निवास शर्त पूरी करनी होगी।
4. बैंक खाता और आधार
- महिला के नाम पर सक्रिय बैंक खाता होना जरूरी है।
- बैंक खाता आधार कार्ड से लिंक होना चाहिए ताकि DBT के जरिए भुगतान हो सके।
5. परिवार में एक से अधिक महिलाओं को लाभ
- इस योजना में परिवार से केवल एक महिला की कोई सीमा नहीं है।
- यदि एक ही परिवार की एक से अधिक महिलाएं सभी पात्रता शर्तें पूरी करती हैं, तो सभी महिलाएं अलग-अलग आवेदन कर सकती हैं।
बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी अतिरिक्त पात्रता
हरियाणा सरकार ने इस योजना को केवल आर्थिक सहायता तक सीमित न रखते हुए शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे सामाजिक विकास लक्ष्यों से भी जोड़ दिया है। कुछ विशेष श्रेणियों में महिलाओं को अतिरिक्त पात्रता दी गई है:
1. मेधावी बच्चों की माताएं
- जिन महिलाओं के बच्चे सरकारी स्कूलों में पढ़ते हैं और
- कक्षा 10वीं या 12वीं की बोर्ड परीक्षा में 80% या उससे अधिक अंक प्राप्त करते हैं।
2. NIPUN भारत मिशन से जुड़ी पात्रता
- जिन महिलाओं के बच्चे कक्षा 1 से 4 तक NIPUN भारत मिशन के अंतर्गत ग्रेड-लेवल लर्निंग हासिल करते हैं।
3. कुपोषण से बच्चों को उबारने वाली माताएं
- जिन माताओं ने अपने बच्चों को मध्यम या गंभीर कुपोषण (Moderate/Severe Acute Malnutrition) से सफलतापूर्वक बाहर निकाला है।
- इसका सत्यापन महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा किया जाएगा।
4. बढ़ी हुई आय सीमा
- इन विशेष श्रेणियों में आने वाली महिलाओं के लिए
- वार्षिक पारिवारिक आय सीमा बढ़ाकर ₹1.8 लाख कर दी गई है।
- हालांकि, निवास, आधार और बैंक खाता संबंधी शर्तें अनिवार्य रहेंगी।
कौन आवेदन नहीं कर सकता? (अपात्रता शर्तें)
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि किन महिलाओं को इस योजना का लाभ नहीं दिया जाएगा:
1. अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ लेने वाली महिलाएं
जो महिलाएं पहले से नीचे दी गई योजनाओं के तहत नियमित वित्तीय सहायता प्राप्त कर रही हैं, वे अपात्र होंगी:
- वृद्धावस्था सम्मान भत्ता
- विधवा एवं निराश्रित महिला सहायता योजना
- लाडली सामाजिक सुरक्षा भत्ता
- दिव्यांग सहायता योजना
- एसिड अटैक पीड़ित सहायता योजना
- विधुर एवं अविवाहित व्यक्ति योजना 2023
- हरियाणा गौरव सम्मान योजना (पद्म पुरस्कार विजेता)
- कोई भी अन्य अधिसूचित सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना
महत्वपूर्ण अपवाद:
कैंसर (स्टेज III व IV), दुर्लभ रोग, थैलेसीमिया, हीमोफीलिया और सिकल सेल एनीमिया जैसी चिकित्सा सहायता योजनाएं पात्रता को प्रभावित नहीं करेंगी।
2. सरकारी नौकरी करने वाली महिलाएं
- जो महिलाएं नियमित, संविदा या अंशकालिक सरकारी नौकरी में हैं
- और जिनकी पारिवारिक आय निर्धारित सीमा से अधिक है।
3. अन्य सरकारी पेंशन या भत्ता
- महिला स्वयं या उसके परिवार का कोई सदस्य यदि नियमित सरकारी पेंशन/भत्ता प्राप्त कर रहा है।
4. आयकरदाता
- जो महिलाएं या उनके परिवार इनकम टैक्स भरते हैं, वे इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगी।
लाडो लक्ष्मी योजना के महत्वपूर्ण नियम
1. नया भुगतान ढांचा (Revised Payment Structure)
- कुल ₹2100 की मासिक राशि में से:
- ₹1100 हर महीने सीधे बैंक खाते में जमा होंगे।
- ₹1000 सरकार द्वारा संचालित रिकरिंग डिपॉजिट (RD) खाते में जमा होंगे।
- यह RD 5 वर्षों के बाद परिपक्व (Mature) होगी।
2. मासिक लिवनेस चेक
- लाभार्थी को हर महीने Lado Lakshmi App के जरिए
- फेस ऑथेंटिकेशन (Face Authentication) करना अनिवार्य होगा।
- यह प्रक्रिया पूरी न करने पर भुगतान रोका जा सकता है।
3. बैंक विवरण की शुद्धता
- यदि लगातार दो महीनों तक भुगतान बैंक विवरण की गलती के कारण फेल होता है,
- तो लाभ रोक दिया जाएगा।
- सही विवरण अपडेट करने के बाद ही भुगतान फिर से शुरू होगा।
4. गलत जानकारी देने पर कार्रवाई
- यदि आवेदन में गलत या झूठी जानकारी दी गई:
- तो प्राप्त की गई राशि 12% वार्षिक ब्याज सहित वसूली जाएगी।
- इसके साथ कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।
5. लाभार्थी की मृत्यु की स्थिति में
- लाभार्थी की मृत्यु होने पर:
- RD खाते में जमा राशि नामांकित (Nominee) को दी जाएगी।
- मासिक भुगतान बंद कर दिया जाएगा।
6. अन्य योजनाओं में स्वतः स्थानांतरण
- यदि भविष्य में लाभार्थी महिला
- वृद्धावस्था या विधवा पेंशन के लिए पात्र हो जाती है,
- तो उसका नाम स्वतः संबंधित योजना में स्थानांतरित किया जा सकता है।
Haryana Lado Lakshmi Yojana Eligibility नियम इतने सख्त क्यों हैं?
सरकार द्वारा Haryana Lado Lakshmi Yojana Eligibility नियमों को सख्त करने के पीछे मुख्य उद्देश्य हैं:
- योजना का लाभ वास्तविक जरूरतमंद महिलाओं तक पहुंचाना
- फर्जी लाभार्थियों और गलत दावों को रोकना
- आधार, PPP, FIDR और बैंक खातों के जरिए पारदर्शिता सुनिश्चित करना
- सार्वजनिक धन का सही और प्रभावी उपयोग करना
इन सख्त नियमों से यह सुनिश्चित होता है कि सरकारी सहायता सही हाथों में पहुंचे और समाज में वास्तविक बदलाव लाया जा सके।
निष्कर्ष
दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना 2026 हरियाणा सरकार की एक महत्वाकांक्षी और दूरदर्शी योजना है, जो महिलाओं को न केवल आर्थिक सहायता देती है बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक विकास को भी बढ़ावा देती है। हालांकि, इसके नियम पहले की तुलना में अधिक सख्त कर दिए गए हैं, लेकिन यह कदम योजना की पारदर्शिता और प्रभावशीलता के लिए जरूरी है।
यदि आप सभी पात्रता शर्तों को पूरा करती हैं और नियमों का पालन करने के लिए तैयार हैं, तो यह योजना आपके लिए आर्थिक सुरक्षा और भविष्य की स्थिरता का मजबूत आधार बन सकती है। आवेदन से पहले सभी नियमों को ध्यान से समझना और सही जानकारी देना बेहद जरूरी है।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ) – दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना हरियाणा
Q1. दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना क्या है?
यह हरियाणा सरकार की एक महिला कल्याण योजना है, जिसके तहत पात्र महिलाओं को ₹2100 प्रति माह की वित्तीय सहायता DBT के माध्यम से दी जाती है, ताकि वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें।
Q2. लाडो लक्ष्मी योजना की शुरुआत कब हुई?
इस योजना की शुरुआत 25 सितंबर 2025 से की गई है।
Q3. इस योजना में कितनी राशि दी जाती है?
कुल ₹2100 प्रति माह, जिसमें:
₹1100 सीधे बैंक खाते में
₹1000 सरकार द्वारा संचालित रिकरिंग डिपॉजिट (RD) खाते में जमा किए जाते हैं।
Q4. लाडो लक्ष्मी योजना के लिए आयु सीमा क्या है?
आवेदन करने वाली महिला की आयु:
न्यूनतम: 23 वर्ष
अधिकतम: 60 वर्ष होनी चाहिए।
Q5. पारिवारिक आय सीमा कितनी है?
सामान्य श्रेणी के लिए: ₹1 लाख वार्षिक
बच्चों की शिक्षा/स्वास्थ्य से जुड़ी विशेष श्रेणियों के लिए: ₹1.8 लाख वार्षिक

