छत्तीसगढ़ एक कृषि प्रधान राज्य है जहाँ बड़ी संख्या में ग्रामीण परिवार अपनी आजीविका के लिए कृषि और पशुपालन पर निर्भर हैं। लंबे समय से राज्य में आवारा व परित्यक्त पशुओं की समस्या, चारे की कमी और पारंपरिक खेती के घटते लाभ किसानों के सामने चुनौती बनकर खड़े थे। ऐसे में Chhattisgarh Gaudham Yojana शुरू की है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य है – पशुधन की सुरक्षा, नस्ल सुधार, ग्रामीणों को रोजगार और साथ ही साथ जैविक खेती एवं गौ-आधारित उद्योगों को बढ़ावा देना।
यह योजना छत्तीसगढ़ पशुधन विकास एवं पशुपालन विभाग के माध्यम से राज्यभर में लागू की जाएगी।
Table of Contents
✅ Chhattisgarh Gaudham Yojana क्या है?
Chhattisgarh Gaudham Yojana का उद्देश्य है पशुओं को सुरक्षित आश्रय, किसानों को आय और ग्रामीणों को रोजगार देना। इस योजना के तहत:
- आवारा और परित्यक्त मवेशियों को सुरक्षित आश्रय मिलेगा।
- गौशालाओं और गौधामों में पशुओं की वैज्ञानिक देखभाल की जाएगी ताकि उनकी उत्पादकता बढ़ सके।
- गायों की दूध उत्पादन क्षमता में सुधार होगा और उन्हें खेती के लिए अधिक उपयोगी बनाया जाएगा।
- चरवाहों और सेवकों को मासिक मानदेय (Honorarium) दिया जाएगा।
- हरा चारा उत्पादन एवं भंडारण के लिए सहायता राशि दी जाएगी।
- ग्रामीण क्षेत्रों में जैविक खेती और गौ-आधारित उत्पादों जैसे वर्मी कम्पोस्ट, कीटनाशक, गोनाइल, अगरबत्ती, दीये और टूथपाउडर बनाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
सरकार ने इसके लिए जिलाधिकारियों को आदेश जारी कर दिए हैं और इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है।
✅ Chhattisgarh Gaudham Yojana के लाभ
- मासिक मानदेय
- चरवाहा (Cowherd) – ₹10,916 प्रतिमाह
- सेवक (Cattle attendant) – ₹13,126 प्रतिमाह
- अतिरिक्त भत्ता (Allowance)
- पशुओं के चारे पर प्रतिदिन निश्चित राशि का भुगतान।
- आउटस्टैंडिंग गौधाम भुगतान (Outstanding Gaudham Payment)
- पहले वर्ष: ₹10 प्रति पशु प्रतिदिन
- दूसरे वर्ष: ₹20 प्रति पशु प्रतिदिन
- तीसरे वर्ष: ₹30 प्रति पशु प्रतिदिन
- चौथे वर्ष: ₹35 प्रति पशु प्रतिदिन
- चारा विकास सहायता (Fodder Development)
- ₹47,000 प्रति एकड़
- 5 एकड़ के लिए कुल ₹2,85,000
- बुनियादी ढांचा (Infrastructure)
- गौधाम केवल सरकारी भूमि पर बनाए जाएंगे।
- यहाँ फेंसिंग, पशु शेड, पानी और बिजली की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
✅ वित्तीय संरचना (Financial Structure of Gaudham Yojana)
वर्ष | प्रति पशु प्रतिदिन राशि | प्रतिदिन व्यय (200 पशु) | वार्षिक व्यय (365 दिन) |
---|---|---|---|
1वाँ वर्ष | ₹10 | ₹2000 | ₹7,30,000 |
2रा वर्ष | ₹20 | ₹4000 | ₹14,60,000 |
3रा वर्ष | ₹30 | ₹6000 | ₹21,90,000 |
4था वर्ष | ₹35 | ₹7000 | ₹25,55,000 |
इस प्रकार सरकार ने वर्ष दर वर्ष राशि बढ़ाने की व्यवस्था की है ताकि योजना और अधिक प्रभावी हो सके।
✅ चारा विकास (Fodder Development)
चारा उत्पादन हेतु सरकार ने विस्तृत बजट तय किया है।
विवरण | प्रति एकड़ (₹) | 5 एकड़ (₹) |
---|---|---|
भूमि तैयारी | 5,000 | 25,000 |
ट्रैक्टर संचालन (20 घंटे/एकड़) | 10,000 | 50,000 |
स्टील भंडारण टंकी (20,000 लीटर क्षमता/एकड़) | 50,000 | 2,50,000 |
श्रम (चारा कटाई) | 45,000 | 2,25,000 |
श्रम (नर्सरी प्रबंधन) | 1,600 | 8,000 |
सिंचाई | 10,000 | 50,000 |
खरपतवार नियंत्रण | 2,000 | 10,000 |
श्रम (हार्वेस्टिंग व बंडलिंग) | 45,000 | 2,25,000 |
उर्वरक व खाद | 3,000 | 15,000 |
बीज | 5,900 | 29,500 |
कुल | 47,000 | 2,85,000 |
✅ Chhattisgarh Gaudham Yojana की मुख्य विशेषताएँ (Highlights)
विशेषता | विवरण |
---|---|
योजना का नाम | गौधाम योजना |
राज्य | छत्तीसगढ़ |
स्थिति | लागू |
घोषणा | मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय |
उद्देश्य | पशुधन सुरक्षा, नस्ल सुधार, ग्रामीण रोजगार |
मासिक मानदेय | चरवाहा – ₹10,916, सेवक – ₹13,126 |
अतिरिक्त भुगतान | प्रति पशु ₹10–₹35 प्रतिदिन |
चारा सहायता | ₹47,000/एकड़, ₹2,85,000/5 एकड़ |
कार्यक्षेत्र | पहले चरण में राष्ट्रीय राजमार्ग से लगे ग्रामीण क्षेत्र |
विशेष फोकस | जैविक खेती व गौ-आधारित उत्पाद प्रशिक्षण |
✅ Chhattisgarh Gaudham Yojana कैसे काम करेगी?
- प्रस्ताव भेजना – जिला प्रशासन गौधाम स्थापित करने का प्रस्ताव राज्य को भेजेगा।
- ऑपरेटर चयन – पंजीकृत गौशालाओं को प्राथमिकता मिलेगी, अन्यथा NGO, ट्रस्ट, किसान उत्पादक कंपनी या सहकारी समिति भी आवेदन कर सकती है।
- अनुमोदन प्रक्रिया – जिला स्तरीय समिति प्रस्ताव की समीक्षा कर छत्तीसगढ़ राज्य गौ सेवा आयोग को भेजेगी।
- समझौता और संचालन – अनुमोदन के बाद समझौता कर चयनित संस्था गौधाम का संचालन शुरू करेगी।
- प्रशिक्षण व उत्पादन –
- वर्मी कम्पोस्ट
- प्राकृतिक कीटनाशक
- गोनाइल (गोमूत्र आधारित उत्पाद)
- अगरबत्ती, दीये, धूपबत्ती
- दंतमंजन (टूथ पाउडर)
- गो लकड़ी (Cow Dung Logs)
इस प्रकार गौधाम पशु देखभाल केंद्र + प्रशिक्षण केंद्र + आय सृजन केंद्र बनकर काम करेगा।
✅ Chhattisgarh Gaudham Yojana का महत्व

- पशुधन सुरक्षा – आवारा व परित्यक्त पशुओं को आश्रय मिलेगा।
- आर्थिक लाभ – ग्रामीणों को मानदेय और अतिरिक्त भत्ते मिलेंगे।
- रोजगार – चारा उत्पादन, पशु देखभाल और उत्पाद निर्माण से ग्रामीणों को रोजगार।
- जैविक खेती – रासायनिक खेती की जगह प्राकृतिक खेती को बढ़ावा।
- गौ-आधारित उद्योग – ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नया आधार।
निष्कर्ष
Chhattisgarh Gaudham Yojana 2025 केवल एक पशुपालन योजना नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, पशुधन की सुरक्षा करने और पर्यावरण को सुरक्षित रखने की एक समग्र पहल है। इससे ग्रामीणों को रोजगार, किसानों को अतिरिक्त आय और समाज को बेहतर पर्यावरण मिलेगा।
यह योजना राज्य को जैविक खेती की दिशा में अग्रणी बनाएगी और गाय आधारित ग्रामीण उद्योगों को प्रोत्साहित कर छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था में नया आयाम जोड़ेगी।
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❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1. छत्तीसगढ़ गौधाम योजना क्या है?
गौधाम योजना छत्तीसगढ़ सरकार की एक नई पहल है, जिसका उद्देश्य है – आवारा और परित्यक्त मवेशियों को सुरक्षित आश्रय देना, पशुधन की उत्पादकता बढ़ाना, ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराना और जैविक खेती व गौ-आधारित उद्योगों को बढ़ावा देना।
Q2. गौधाम योजना से किसे लाभ मिलेगा?
इस योजना से किसानों, चरवाहों, पशु सेवकों, ग्रामीण युवाओं और उन परिवारों को लाभ मिलेगा जो पशुपालन और गौ-आधारित उद्योगों से जुड़कर रोजगार और आय अर्जित करना चाहते हैं।
Q3. चरवाहों और सेवकों को कितना मानदेय मिलेगा?
- चरवाहा (Cowherd) – ₹10,916 प्रतिमाह
- सेवक (Cattle attendant) – ₹13,126 प्रतिमाह
Q4. आवारा और परित्यक्त पशुओं के लिए क्या व्यवस्था होगी?
Chhattisgarh Gaudham Yojana के तहत सभी आवारा व परित्यक्त पशुओं को सुरक्षित गौधामों में रखा जाएगा, जहाँ उन्हें भोजन, पानी और चिकित्सीय सुविधा मिलेगी।
Q5. गौधाम योजना में चारे की व्यवस्था कैसे होगी?
सरकार द्वारा प्रति एकड़ ₹47,000 और 5 एकड़ के लिए कुल ₹2,85,000 की सहायता दी जाएगी ताकि ग्रामीण स्तर पर हरा चारा उत्पादन और भंडारण सुनिश्चित हो सके।