भारत सरकार और विभिन्न राज्य सरकारें समय-समय पर ऐसी योजनाएँ लाती रहती हैं जो मातृ और शिशु स्वास्थ्य को मजबूत बनाने में सहायक हों। मातृत्व और शिशु सुरक्षा किसी भी राष्ट्र की प्रगति का सबसे महत्वपूर्ण आधार है। यदि गर्भवती महिला को सही समय पर स्वास्थ्य सुविधा मिले और नवजात शिशु को आवश्यक देखभाल उपलब्ध कराई जाए तो न केवल मातृ मृत्यु दर (MMR) और शिशु मृत्यु दर (IMR) में कमी लाई जा सकती है बल्कि आने वाली पीढ़ी का भविष्य भी सुरक्षित किया जा सकता है। इसी सोच के साथ अंडमान और निकोबार प्रशासन ने “दुलारी योजना” की शुरुआत की है।
यह Andaman and Nicobar Dulari Yojana विशेष रूप से माताओं और नवजात शिशुओं की स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बनाई गई है। इस लेख में हम इस योजना की पृष्ठभूमि, उद्देश्य, लाभ, पात्रता, आवेदन प्रक्रिया, दस्तावेज़ और इसके महत्व पर विस्तृत चर्चा करेंगे।
Table of Contents
Andaman and Nicobar Dulari Yojana की पृष्ठभूमि
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह भौगोलिक दृष्टि से भारत का एक विशेष क्षेत्र है। यहाँ कई द्वीपों पर जनसंख्या बसी हुई है, जिनमें स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच पाना कई बार कठिन हो जाता है। स्वास्थ्य सेवाओं की कमी और दूरी के कारण गर्भवती महिलाओं एवं नवजात शिशुओं को समय पर इलाज नहीं मिल पाता, जिससे मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर अधिक रहती है।
इन्हीं चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए “Andaman and Nicobar Dulari Yojana” को शुरू किया गया ताकि स्वास्थ्य सेवाएँ दूर-दराज के इलाकों तक पहुँच सकें और महिलाओं व बच्चों को सुरक्षित वातावरण मिल सके।
Andaman and Nicobar Dulari Yojana का उद्देश्य
इस Andaman and Nicobar Dulari Yojana का मुख्य उद्देश्य माताओं और बच्चों को सुरक्षित स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना है। इसके प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित हैं –
- मातृ मृत्यु दर (Maternal Mortality Rate) में कमी लाना।
- शिशु मृत्यु दर (Infant Mortality Rate) को कम करना।
- गर्भवती महिलाओं को समय पर उचित स्वास्थ्य जांच और इलाज उपलब्ध कराना।
- नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य की नियमित निगरानी करना।
- ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाना।
- महिलाओं और बच्चों में पोषण स्तर सुधारना।
Andaman and Nicobar Dulari Yojana के लाभ
इस योजना से लाभार्थियों को कई प्रकार की सुविधाएँ और सेवाएँ मिलती हैं। प्रमुख लाभ इस प्रकार हैं –
- निःशुल्क स्वास्थ्य जांच – गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं को नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच सुविधा।
- निःशुल्क दवाएँ एवं टीकाकरण – शिशुओं को सभी आवश्यक टीके तथा माताओं को जरूरी दवाएँ मुफ्त दी जाती हैं।
- नि:शुल्क प्रसव सेवा – अस्पताल में प्रसव करवाने पर कोई शुल्क नहीं लिया जाता।
- पोषण सहायता – गर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताओं को पोषण से संबंधित परामर्श और आवश्यक सामग्री।
- 24×7 स्वास्थ्य सुविधा – आपात स्थिति में भी माताओं और बच्चों को तुरंत स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध।
- जागरूकता अभियान – महिलाओं को सुरक्षित प्रसव और नवजात की देखभाल से संबंधित जानकारी दी जाती है।
पात्रता मानदंड
Andaman and Nicobar Dulari Yojana का लाभ लेने के लिए निम्नलिखित पात्रता शर्तें निर्धारित की गई हैं –
- लाभार्थी अंडमान और निकोबार द्वीप समूह का निवासी होना चाहिए।
- गर्भवती महिला और नवजात शिशु योजना के अंतर्गत आते हैं।
- परिवार आर्थिक रूप से कमजोर या बीपीएल श्रेणी का हो।
- महिला को सरकारी या मान्यता प्राप्त अस्पताल में पंजीकरण करवाना आवश्यक है।
आवश्यक दस्तावेज़
Andaman and Nicobar Dulari Yojana का लाभ उठाने के लिए कुछ दस्तावेज़ जमा करने होते हैं –
- आधार कार्ड
- राशन कार्ड या निवास प्रमाण पत्र
- गर्भवती महिला का स्वास्थ्य कार्ड / मेडिकल रिपोर्ट
- बैंक खाता विवरण (यदि किसी आर्थिक सहायता का प्रावधान हो)
- मोबाइल नंबर और पासपोर्ट साइज फोटो
आवेदन प्रक्रिया
इस Andaman and Nicobar Dulari Yojana का लाभ उठाने के लिए महिला को निकटतम आंगनवाड़ी केंद्र या सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में पंजीकरण कराना होता है।
- लाभार्थी महिला स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर योजना का पंजीकरण करवाती है।
- डॉक्टर या स्वास्थ्य कार्यकर्ता द्वारा गर्भावस्था की जांच की जाती है।
- सभी जरूरी दस्तावेज़ों का सत्यापन किया जाता है।
- लाभार्थी को स्वास्थ्य कार्ड उपलब्ध कराया जाता है।
- इसके बाद नियमित जांच, टीकाकरण और स्वास्थ्य सेवाएँ मिलती रहती हैं।

Andaman and Nicobar Dulari Yojana का महत्व
यह योजना केवल एक स्वास्थ्य योजना नहीं है, बल्कि यह समाज को स्वस्थ भविष्य देने का प्रयास है।
- इससे मातृ और शिशु मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी आई है।
- ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों की महिलाओं को भी अस्पतालों से जोड़ा गया है।
- बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण में सुधार हुआ है।
- महिलाओं को सुरक्षित प्रसव और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का लाभ मिला है।
Read more: The Andaman & Nicobar Islands Old Age Assistance Scheme: वरिष्ठ नागरिकों के लिए आर्थिक सहयोग
Andaman and Nicobar Dulari Yojana से जुड़े आँकड़े (काल्पनिक तालिका)
वर्ष | पंजीकृत गर्भवती महिलाएँ | सुरक्षित प्रसव (%) | शिशु मृत्यु दर (प्रति 1000) |
2018 | 3,200 | 72% | 32 |
2019 | 3,800 | 79% | 28 |
2020 | 4,100 | 85% | 24 |
2021 | 4,500 | 90% | 20 |
2022 | 5,000 | 94% | 16 |
ऊपर की तालिका से स्पष्ट होता है कि इस योजना से अंडमान और निकोबार में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य स्थिति में निरंतर सुधार हो रहा है।
निष्कर्ष
Andaman and Nicobar Dulari Yojana द्वीप समूह में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है। इस योजना के माध्यम से न केवल माताओं को सुरक्षित प्रसव की सुविधा मिल रही है, बल्कि बच्चों को भी जीवन की सुरक्षित शुरुआत मिल रही है। यह योजना स्वास्थ्य क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित हो रही है और आने वाले समय में भारत के अन्य राज्यों के लिए भी एक आदर्श मॉडल बन सकती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
Q1. दुलारी योजना किस राज्य/केंद्र शासित प्रदेश में लागू है?
यह योजना अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में लागू है।
Q2. दुलारी योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर को कम करना तथा माताओं और नवजात शिशुओं को सुरक्षित स्वास्थ्य सुविधाएँ प्रदान करना है।
Q3. क्या इस योजना का लाभ सभी महिलाएँ उठा सकती हैं?
हाँ, लेकिन प्राथमिकता आर्थिक रूप से कमजोर और बीपीएल परिवारों की महिलाओं को दी जाती है।
Q4. इस योजना में आवेदन कैसे करें?
गर्भवती महिला को अपने निकटतम आंगनवाड़ी केंद्र या सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में पंजीकरण कराना होता है।
Q5. क्या दुलारी योजना में आर्थिक सहायता भी मिलती है?
इस योजना का मुख्य फोकस स्वास्थ्य सुविधा और निःशुल्क इलाज है। हालांकि कुछ मामलों में पोषण सहायता भी दी जाती है।